Press Release

Press Release

भारतीय चित्र साधना, नई दिल्ली

प्रेस विज्ञप्ति

फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भारत एक अग्रणी देश है। इस संदर्भ में केंद्र सरकार ने फिल्मी क्षेत्र के विकास के लिए जो एक बड़ा निर्णय लिया है भारतीय चित्र साधना उसकी सराहना करते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का आभार भी प्रकट करता है। जिस प्रकार तीव्रता से फिल्मों के निर्माण व वितरण का कारोबार बढ़ रहा था उसके लिए एक छत के नीचे प्रशासनिक ढांचा समय की मांग था। भारतीय चि़त्र साधना के अध्यक्ष प्रो• बृज किशोर कुठियाला ने कहा कि सरकार के इस नवाचारी कदम से न केवल संसाधनों की बचत होगी प्रत्युत नवाचार और सृजनात्मकता को भी प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि मनोरंजन, ज्ञान और सूचना वर्तमान युग के सामाजिक जीवन की अनिवार्यताएं है और यह प्रशासनिक कर्तव्य है कि कलात्मक अभिव्यक्ति को अधिक से अधिक उभारने के उपाय किये जाए। फिल्म डिविज़न, फिल्म समारोह निदेशालय, राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार एवं बाल फिल्म समिति का विलय करके राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम बनाना समय की आवश्यकता थी। प्रो• कुठियाला ने कहा कि आत्मनिर्भर, विकसित व सम्पन्न भारत बनाने के लिए फिल्मों की अत्यन्त महत्वपूर्ण भूमिका है। भारतीय चित्र साधना को विश्वास है कि राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम फिल्मी कलाकारों एवं फिल्म निर्माण विशेषज्ञों को सहूलियत दे करके राष्ट्रीय उद्देश्यों को प्राप्त करने का कर्तव्य निभाएगा।
भारतीय चित्र साधना के ट्रस्टी और सुप्रसिद्ध फिल्म निर्माता अतुल गंगवार ने बताया कि सम्पूर्ण फिल्म जगत में केन्द्रिय सरकार के इस नवाचारी कदम से उत्साह का वातावरण बना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि निगम बनने से उद्योग से जुड़े सभी प्रकार के विशेषज्ञों को न केवल काम करने की सहूलियत होगी परन्तु उनकी व्यवसायिकता में भी उत्कृष्टता आयेगी।
भारतीय चित्र साधना गैर-सरकारी संगठन है जो फिल्म निर्माण के क्षेत्र में युवाओं को प्रशिक्षित व प्रोत्साहित करने का कार्य करता है। चित्र साधना का उद्देश्य भारतीय कला संस्कृति व मूल्यों पर आधारित फिल्मी सामग्री को बड़ी मात्रा में तैयार करवाना एवं अधिक से अधिक नागरिकों तक पहुंचाने का है। भारतीय चित्र साधना अपेक्षा करती है कि नवनिर्मित राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम में फिल्मों से सम्बन्धित विशेषज्ञों को अधिक से अधिक सहभागिता की व्यवस्था रहेगी। प्रो• कुठियाला ने कहा कि इस विषय पर चित्र साधना सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को अपने सुझाव भी प्रेषित करेगा।

BHARTIYA CHITRA SADHNA, NEW DELHI

Press Release

Bharat is a lead country in the production of all kind of films including audio, video content on OTT, Digital and Social Media. In this context the decision of the Govt. of India to create National Film Development Corporation Limited is appreciable and Bhartiya Chitra Sadhna (BCS) welcomes the decision. The unprecedented of growth of production of films of various genera has necessitated the creation of a facilitating system for film management under one roof. BCS is confident that this new structure will promote artistic and technical aspects of audio, video production for the betterment of the society. Prof. Brij Kishore Kuthiala Chairman of BCS said that this innovative decision of the Govt. of India will not only optimise the utilization of resources but also will promote innovation and creativity. He said that creation and dissemination of information, knowledge and entertainment is an essentiality of the modern living and the Government is duty bound to promote artistic and professional talents in the society. He said that the creation of National Film Development Corporation by merging Films Division, Directorate of Film Festival, National Film Archives and Children Films Society is a bold and timely initiative. Prof. Kuthiala said that films of various kinds have to play an important role in creating self-reliant, developed, integrated and prosperous Bharat. He added that BCS is confident that the newly created Corporation will facilitate artists, film makers and technicians to explore their talents to the fullest.
Mr. Atul Gangwar, a trustee of BCS and renowned film maker said that the entire film fraternity is enthused and welcomes this decision of the Government. He said that BCS is confident that the new Corporation will be managed and governed by the experts from the film world. He said that the Corporation should plan for enhancing professionalism and creativity in both short films and feature films. Mr. Gangwar said that Bhartiya Chitra Sadhna is a social organization devoted to promote existing and new talent to make and exhibit films that help our country to achieve the national goals and promote indigenous values. Prof. Kuthiala added that BCS will regularly communicate with the Ministry of I & B and the newly created Corporation on behalf of the film makers and artists.